क्या ऐसे ही चलती रहेगी कोटा जनपद में भर्राशाही ..पचास प्रतिशत कर्मचारी डयूटी से नदारद ।

कोटा एसडीएम के औचक छापे में सामने आया मामला ।
एक दिन का वेतन रोकने का आदेश l
@kuldeep sharma करगीरोड कोटा – कोटा जनपद पंचायत में आज कोटा एसडीएम यू के उर्वशा ने औचक निरिक्षण किया तो वे भी दंग रह गए क्योंकि कोटा जनपद के 42 लोगों के स्टाफ में से 21 लोग नदारद थे । कोटा एसडीएम ने अनुपस्थित लोगों की जानकारी ली तो कोई भी संतोषजनक कारण उनको नहीं मिला । कोटा एसडीएम ने जनपद सीईओ को सभी अनुपस्थित लोगों पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं ।
कोटा एसडीएम जब जनपद पंचायत पहुंचे तो जनपद पंचायत के दीपक उपाध्याय , तजेश्वर यादव ,बी.के. देवांगन ,जागेश्वरी चतुर्वेदानी , संतोष चंद्राकर , राकेश दुबे , पियुष तिवारी ,श्रीमती सुरज तिवारी , प्रिंस जायसवाल ,उपेन्द्र नायक ,आशीष दुबे , योगेश सिदार , मनीष दास ,भुवनेश्वर कौशिक ,छेदी श्रीवास ,अनिल पोर्ते , गोपाल साहू ,नितेश गुप्ता ,कालवीन खाखा , सुजीत गढ़ेवाल और छतराम पटेल आफिस से गायब थे ।
एसडीएम ने बताया कि – आज जनपद पंचायत कोटा का औचक निरिक्षण किया गया जिसमें लगभग 21 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए सभी को नोटिस जारी करने और एक दिन का वेतन काटने का निर्देश जनपद सीईओ को दिया गया है । एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आगे भी विभिन्न कार्यालायों में ऐसे निरिक्षण किए जाएंगे ।
वहीं जानकारी ये भी मिली है कि जनपद सीईओ युवराज सिंहा भी अक्सर नदारद रहते है l
देखना होगा इस कार्यवाही के बाद जनपद पंचायत के प्रशासनिक अमले में कसावट आती है या ऐसी ही भर्राशाही चलते रहेगी लेकिन कोटा एसडीएम की ये कार्यवाही जरूरी है ताकि कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारी का अहसास हो ।